Welcome to the world of imagination with a pinch of reality :)

Thanks for coming to my blog.I hope you will enjoy.

Saturday, May 14, 2011

विश्वास

विश्वास क्या है?

आगे बढ़ने का होसला,

जो दूर करके फासला.


फासला हार और जीत का,

फासला दुश्मन और मनमीत का,

फासला नाकामी और कामयाबी का.


विश्वास क्या है?

रोज़ उसको याद करना,

खुली आखों से उसके सपने देखना.


रोज़ परवरदिगार को बहुत उम्मीद से देखना,

कि वोह साथ देगा मुश्किल वक़्त में,

ताकत देगा और हिम्मत भी,

यह विश्वास नही तो और क्या है?


विश्वास क्या है?

चमक आखों की या चेहरे की मुस्कुराहट,

यौवन का मस्त रूप,

या अल्हड प्रेम.


लगातार प्रयास भी तो विश्वास है ,

सब कुछ खोने के बाद भी कुछ पाने का एहसास,

विश्वास का ही चमत्कार है .


विश्वास क्या है?

कुछ पंक्तियाँ लिखकर उसे कविता कहना,

कुछ भावो को रचना में ढालना,

यह मेरा अपने ऊपर विश्वास है.

Sunday, May 8, 2011

नशा

बोतल की क्या बात कहिये ..उस में जो नशा है वोह तो कुछ पलों का है,
हम तो डूब जाना चाहते है उस मदहोशी के समुन्दर में जहाँ हर कोई अनजानी खुमारी में बेहोश है.

Thursday, September 30, 2010

एहसास

रोज सुबह निकलता हूँ बहार देखने के धोखे में,

पर यहाँ तो मिलते है सूखे पत्ते इंतज़ार में.

मै सोचता हूँ महसूस करूँगा एक फूल की महक को ,

उसकी चहक को ..उसकी पंखडीयो को .

पर उसकी डाल तो क्या ..उसके कांटे भी नही मिलते ,

क्यूंकि वो कांटे ..दिल में चुभ चुके है.

धंस चुके है गहरे ..शायद कुछ एहसास कराना चाहते है ,

अब इस दर्द को ही एक अमली जामा पहनाओ ..और उसी के आगोश में खो जाओ .

मै खुश हूँ की मैं ढक सकता हूँ अपने आप को ..इन् कांटो की ओट से ,

बचा सकता हूँ अपने आपको …आने वाली चोट से .

शायद यह कांटे मुझे इतना मज़बूत बना दे,

कि हर चुनौती को पार कर जाऊं …और जीत की और कदम बढाऊँ.

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