तुझसे ही मकसद और तुझसे ही उम्मीद इस ज़िन्दगी की,
दुनिया भूले तो परवाह नहीं,तू ना याद करे तो जीने का फायदा ही क्या |
तेरे बिना यह मुस्कुराहट है झूठी,
आँखों की रौशनी भी हुई फीकी |
मुझे अपने में समा के तो देख ज़रा ,
मै भी खिल जाओ रंगों से ,हो जाए यह समा भी रंगीन ज़रा ..
इन्द्रधनुष सी लगे यह दुनिया सारी
जब देखू तेरी आँखों से ..
मेरी आँखों में भर के तो देख सपनो के रंग ज़रा ..