कोई दिल की बात जुबां पर लाने से कतराए,
कोई इश्क करके परेशां, कि जुदाई न आ जाए,
पर हमारी तमन्ना सिर्फ इतनी कि तू इक बार मुस्कुराये,
चाहे फिर हमारे जिस्म से रूह ही क्यूँ न जुदा हो जाये.
कोई दिल की बात जुबां पर लाने से कतराए,
कोई इश्क करके परेशां, कि जुदाई न आ जाए,
पर हमारी तमन्ना सिर्फ इतनी कि तू इक बार मुस्कुराये,
चाहे फिर हमारे जिस्म से रूह ही क्यूँ न जुदा हो जाये.
याद तुम्हे हम करते और तुम सामने होती.
काश! कशिश हममे इतनी होती,
सिर्फ सपनो में ही मुलाकात न होती.
ख्याल, जब भी तुम्हारा आता,
चारो और ख़ुशी का माहौल छाता.
ख्याल, जब भी तुम्हारा आता,
सिर्फ तुमको ही सामने पाता.
नज़र का ही ख्याल है हमको.
नज़र जो सिर्फ तुमको देखना चाहती है,
दिल में एक तस्वीर खीचना चाहती है.
हमारी बेचैनी को तुम भी महसूस कर पाती,
काश! कशिश हममे इतनी होती,
आखें तुम्हारी और नज़र हमारी होती.
नज़र तुम्हारी कुछ कहने को बेताब सी दिखती है,
शायद दिल की बात तुम्हारी जुबां पर आने से डरती है.
पर कहदो उन अरमानो को,
समझा दो उन एहसासों को,
एक बार खुले आसमान में उड़ कर तो देखे,
खुली हवा में सांस लेकर तो देखे.
न जाने कब से कोई तुम्हारे इंतज़ार में बैठा है,
तुम्हारे दिल की आवाज़ सुनने को बेक़रार बैठा है.
वादा है की तुम मायूस न होंगे,
कभी न भूल पायोगे वोह मदहोश झोंके,
बस इक बार दिल-ऐ-इज़हार करके तो देखो.
विश्वास क्या है?
आगे बढ़ने का होसला,
जो दूर करके फासला.
फासला दुश्मन और मनमीत का,
फासला नाकामी और कामयाबी का.
विश्वास क्या है?
रोज़ उसको याद करना,
खुली आखों से उसके सपने देखना.
कि वोह साथ देगा मुश्किल वक़्त में,
ताकत देगा और हिम्मत भी,
यह विश्वास नही तो और क्या है?
विश्वास क्या है?
चमक आखों की या चेहरे की मुस्कुराहट,
यौवन का मस्त रूप,
या अल्हड प्रेम.
सब कुछ खोने के बाद भी कुछ पाने का एहसास,
विश्वास का ही चमत्कार है .
विश्वास क्या है?
कुछ पंक्तियाँ लिखकर उसे कविता कहना,
कुछ भावो को रचना में ढालना,
यह मेरा अपने ऊपर विश्वास है.