Welcome to the world of imagination with a pinch of reality :)

Thanks for coming to my blog.I hope you will enjoy.

Monday, May 16, 2011

झिझक

नज़र तुम्हारी कुछ कहने को बेताब सी दिखती है,

शायद दिल की बात तुम्हारी जुबां पर आने से डरती है.


पर कहदो उन अरमानो को,

समझा दो उन एहसासों को,

एक बार खुले आसमान में उड़ कर तो देखे,

खुली हवा में सांस लेकर तो देखे.


न जाने कब से कोई तुम्हारे इंतज़ार में बैठा है,

तुम्हारे दिल की आवाज़ सुनने को बेक़रार बैठा है.


वादा है की तुम मायूस न होंगे,

कभी न भूल पायोगे वोह मदहोश झोंके,

बस इक बार दिल-ऐ-इज़हार करके तो देखो.

Saturday, May 14, 2011

विश्वास

विश्वास क्या है?

आगे बढ़ने का होसला,

जो दूर करके फासला.


फासला हार और जीत का,

फासला दुश्मन और मनमीत का,

फासला नाकामी और कामयाबी का.


विश्वास क्या है?

रोज़ उसको याद करना,

खुली आखों से उसके सपने देखना.


रोज़ परवरदिगार को बहुत उम्मीद से देखना,

कि वोह साथ देगा मुश्किल वक़्त में,

ताकत देगा और हिम्मत भी,

यह विश्वास नही तो और क्या है?


विश्वास क्या है?

चमक आखों की या चेहरे की मुस्कुराहट,

यौवन का मस्त रूप,

या अल्हड प्रेम.


लगातार प्रयास भी तो विश्वास है ,

सब कुछ खोने के बाद भी कुछ पाने का एहसास,

विश्वास का ही चमत्कार है .


विश्वास क्या है?

कुछ पंक्तियाँ लिखकर उसे कविता कहना,

कुछ भावो को रचना में ढालना,

यह मेरा अपने ऊपर विश्वास है.

Sunday, May 8, 2011

नशा

बोतल की क्या बात कहिये ..उस में जो नशा है वोह तो कुछ पलों का है,
हम तो डूब जाना चाहते है उस मदहोशी के समुन्दर में जहाँ हर कोई अनजानी खुमारी में बेहोश है.