विश्वास क्या है?
आगे बढ़ने का होसला,
जो दूर करके फासला.
फासला दुश्मन और मनमीत का,
फासला नाकामी और कामयाबी का.
विश्वास क्या है?
रोज़ उसको याद करना,
खुली आखों से उसके सपने देखना.
कि वोह साथ देगा मुश्किल वक़्त में,
ताकत देगा और हिम्मत भी,
यह विश्वास नही तो और क्या है?
विश्वास क्या है?
चमक आखों की या चेहरे की मुस्कुराहट,
यौवन का मस्त रूप,
या अल्हड प्रेम.
सब कुछ खोने के बाद भी कुछ पाने का एहसास,
विश्वास का ही चमत्कार है .
विश्वास क्या है?
कुछ पंक्तियाँ लिखकर उसे कविता कहना,
कुछ भावो को रचना में ढालना,
यह मेरा अपने ऊपर विश्वास है.
quite inspiring!!!!
ReplyDeleteThanks Rashi for your inspiring words
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